Rahul Singh: वाराणसी के तीसरे हॉकी ओलंपियन को लक्ष्मण पुरस्कार, राहुल के परिवार में जश्न का माहौल | News… – Newstrack

hockey player Rahul Singh (photo: social media )
Rahul Singh: खेल विभाग की ओर से प्रदेश के सर्वोच्च खेल सम्मान लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड के लिए 12 खिलाड़ियों के नाम का ऐलान कर दिया गया है। लक्ष्मण पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों में वाराणसी के ओलंपियन राहुल सिंह व गाजीपुर के पहलवान जनार्दन सिंह यादव का नाम भी शामिल है।
राहुल सिंह वाराणसी के तीसरे हॉकी ओलंपियन होंगे जिन्हें लक्ष्मण पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है। राहुल के नाम के ऐलान के बाद वाराणसी में उनके परिवार में जश्न का माहौल है। राहुल के नाम की घोषणा के बाद काफी संख्या में लोग राहुल के पिता गौरी शंकर सिंह को बधाई देने के लिए उनके आवास पर पहुंचे।
राहुल सिंह से पहले वाराणसी के दो और चर्चित हॉकी खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार दिया जा चुका है। वाराणसी के हॉकी ओलंपियन मोहम्मद शाहिद को मरणोपरांत 2016 में लक्ष्मण पुरस्कार दिए जाने का ऐलान किया था किया था जबकि ओलंपियन ललित उपाध्याय को 2017 में लक्ष्मण पुरस्कार दिया गया था।

इस बार लक्ष्मण पुरस्कार पाने वाले राहुल सिंह का पूरा परिवार खेल जगत से जुड़ा हुआ है। राहुल के नाम की घोषणा के बाद परिवार में जमकर जश्न मनाया गया। पिता गौरीशंकर सिंह और मां पद्मा सिंह ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। परिवार के परिचित लोग भी बधाई देने के लिए घर पर पहुंचे।
पुरस्कार पर अपनी प्रतिक्रिया जताते हुए राहुल सिंह ने कहा कि हर सम्मान खिलाड़ी का हौसला बढ़ाता है और इसके साथ ही दूसरों को प्रेरित भी करता है। पुरस्कार से खिलाड़ी का उत्साहवर्धन भी होता है। यह सम्मान काशी और खेल जगत को समर्पित है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण पुरस्कार मिलना गर्व और सौभाग्य की बात है।

उन्होंने युवा खिलाड़ियों को जमकर मेहनत करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता और खेल जगत में मेहनत करने से निश्चित रूप से कामयाबी हासिल होती है। राहुल ने कहा कि सकारात्मक विचारों के साथ किया गया प्रयास कभी विफल नहीं साबित होता। राहुल सिंह इन दिनों महाराष्ट्र के पुणे में जीएसटी के सहायक आयुक्त के तौर पर तैनात हैं। राहुल की पत्नी सतनाम वत्स भी अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी हैं।
राहुल के पिता गौरी शंकर सिंह ने कहा कि मेरे छह बेटे खेल के लिए पूरी तरह समर्पित रहे हैं। बड़े बेटे अनन्य सिंह और उसके बाद राजन सिंह बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। प्रशांत सिंह और राहुल सिंह ने हॉकी की दुनिया में नाम कमाया। राहुल सिंह ने 1996 के ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया था। सीमांत सिंह ने क्रिकेट का रणजी मुकाबला खेला है। विवेक सिंह ने 1988 के ओलंपिक हॉकी ओलंपिक में हिस्सा लिया था।

राहुल के पिता गौरी शंकर सिंह को खेल का जबर्दस्त जुनून रहा है। उन्होंने अपने भविष्यनिधि के पैसे से हरहुआ में क्रिकेट और हॉकी एकेडमी की स्थापना की है। 81 साल की उम्र में भी वे अपने दिवंगत बेटे विवेक सिंह की स्मृति में नए खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि नए खिलाड़ियों में काफी प्रतिभा है और मैं इस प्रतिभा को निखारने की कोशिश में जुटा हुआ हूं।

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