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बक्सर के डुमरांव में मिट्टी उत्खनन के अवैध खेल का अधिकारियों ने लिया जायजा.. – दैनिक जागरण (Dainik Jagran)

संवाद सहयोगी डुमरांव (बक्सर)। पांच जुलाई को दैनिक जागरण में मिट्टी उत्खनन के अवैध खेल में कई गांव का अस्तित्व दांव पर शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारियों की नींद खुली। शनिवार को जिला खनन पदाधिकारी ने अनुमंडल के दक्षिणी-पूर्वी भागों में कांव नदी के किनारे कई जगहों पर चल रहे मिट्टी उत्खनन के अवैध खेल का जायजा लिया।
संवाद सहयोगी, डुमरांव (बक्सर)। पांच जुलाई को दैनिक जागरण में ‘मिट्टी उत्खनन के अवैध खेल में कई गांव का अस्तित्व दांव पर’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारियों की नींद खुली। शनिवार को जिला खनन पदाधिकारी ने अनुमंडल के दक्षिणी-पूर्वी भागों में कांव नदी के किनारे कई जगहों पर चल रहे मिट्टी उत्खनन के अवैध खेल का जायजा लिया। जमीनी तल से तकरीबन 35 फीट गहराई तक मिट्टी उत्खनन की प्रक्रिया को देखकर अधिकारी के होश उड़ गए। लगे हाथों खनन पदाधिकारी पारसनाथ चौधरी ने पुलिस अधिकारी को अवैध तरीके से मिट्टी खनन कराने वाले माफियाओं पर नकेल कसने और मिट्टी कटाई में लगी जेसीबी वाहनों को जब्त करने का आदेश दिया है। इसको लेकर बालू और मिट्टी माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

बता दें कि क्षेत्र के खलवाइनार से लगायत खेवली पंचायत के सुखसेना डेरा एवं कोरानसराय के मठिया डेरा गांव तक प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक मिट्टी की कटाई की जाती है। सूत्रों की माने तो वर्षो से यहां बालू एवं मिट्टी कारोबारियों एवं अधिकारियों की साठगांठ से बेरोकटोक मिट्टी की कटाई चलती है। अवैध मिट्टी कटाई के पीछे खेल चाहे जो भी हो, लेकिन कांव नदी के किनारे बसकर जीवन यापन करने वाले कई गांवों के लोगों के लिए मिट्टी कटाई के बाद 35-40 फीट तक गहरे खतरनाक गड्ढे मौत को दावत दे रहे हैं।
–बालू के लिए नदी को बना रहा मौत का कुआं : पैसे कमाने का चक्कर और बालू के अवैध खेल में शामिल माफिया व आपराधिक तत्वों ने क्षेत्र में शीतलता लाने वाली कांव नदी को मौत का कुआं बना डाला है। फिलहाल, इलाके में बालू की किल्लत और महंगाई दिखाकर बालू माफियाओं ने कोरानसराय से लेकर खलवाइनार तक कांव नदी को जानलेवा बना दिया है। अवैध उत्खनन से नदी के किनारे बसे कई गांवों का वजूद मिटने की कगार पर है। सूत्रों की माने तो यहां जेसीबी लगाकर रात भर बालू व मिट्टी कटाई और ढुलाई की प्रक्रिया चलती है, जबकि विभागीय अधिकारी दिन में छापेमारी करने पहुंचते हैं। यहां से सैकड़ों ट्रक बालू वाली मिट्टी को रातों-रात आसपास के इलाके में ले जाकर पहले से रखे गए बालू में मिला दिया जाता है। माफियाओं के द्वारा मिलावट वाली बालू की किल्लत बता कर बालू माफिया मिलावटी बालू को साढे पांच हजार रुपये ट्राली बेच देते हैं। –बयान : दैनिक जागरण में प्रकाशित मिट्टी उत्खनन का मामला जांच में सही पाया गया। अवैध तरीके से मिट्टी उत्खनन को विभाग ने चुनौती के रूप में लिया है। इस मामले में अविलंब कार्रवाई होगी।
पारसनाथ चौधरी, जिला खनन पदाधिकारी, बक्सर
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