खेल की खबरें | कोहली ने बल्लेबाजी में ‘बड़ा अंतर’ पैदा करने का श्रेय थ्रोडाउन विशेषज्ञों को – LatestLY हिन्दी

तिरुवनंतपुरम, 16 जनवरी भारतीय रन मशीन विराट कोहली ने अपनी बल्लेबाजी में बड़ा बदलाव लाने का श्रेय डी राघवेंद्र, नुवान सेनेविरत्ने और दयानंद गरानी की टीम की थ्रोडाउन तिकड़ी को दिया है।
नेट पर बल्लेबाजों को अभ्यास कराते समय थ्रोडाउन विशेषज्ञ लंबे चम्मच ऐसे एक क्रिकेट उपकरण की मदद से गेंद को तेज गति से (140-150 किमी प्रति घंटे की सीमा में) फेंकते हैं।
कोहली ने यहां श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय के बाद भारत के युवा सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल के साथ ‘बीसीसीआई.टीवी’ पर बात करते हुए कहा, ‘‘इन तीनों ने हमें विश्व स्तरीय अभ्यास कराया है। वे नेट पर 145 या 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाजों की तरह हमारी परीक्षा लेते हैं। वे हमेशा हमें आउट करने की कोशिश करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि वे नियमित रूप से हमारी परीक्षा लें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी यह काफी कड़ा लगता है। ईमानदारी से कहूं तो मेरे लिए यह करियर में अंतर रहा है… मैं एक क्रिकेटर के रूप में इस तरह का अभ्यास शुरू करते समय जहां था और अब मैं जहां हूं।’’
‘रघु’ के नाम से पहचाने जाने वाले कर्नाटक के राघवेंद्र राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी से बीसीसीआई से जुड़े और टीम इंडिया में सबसे पहले आए। वह नियमित रूप से दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को थ्रोडाउन का अभ्यास कराते थे।
भारत ने 2018 में श्रीलंका के बाएं हाथ के सेनेविरत्ने को टीम से जोड़ा जिससे कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ तैयारी की जा सके।
कोलकाता पुलिस में स्वयंसेवक दयानंद किंग्स इलेवन पंजाब के साथ थे लेकिन 2020 में रघु के कोविड-19 पॉजिटव पाए जाने के बाद उन्हें टीम इंडिया के साथ जोड़ा गया और वह तब से सहयोगी स्टाफ के स्थाई सदस्य हैं।
कोहली ने कहा, ‘‘इन लोगों को काफी श्रेय जाता है जिन्होंने हमें नियमित अभ्यास कराया और उनका योगदान अविश्वसनीय रहा है। आप लोगों को उनके नाम और चेहरे याद रखने चाहिए क्योंकि हमारी सफलता के पीछे इन लोगों ने काफी मेहनत की है।’’
कोहली का साक्षात्कार ले रहे गिल ने कहा, ‘‘इन तीनों के मिलाकर 1200 से 1500 विकेट होते। वे हमें मैच के दौरान की सभी प्रकार की परिस्थितियों के लिए तैयार करते हैं।’’
भारत ने अंतिम एकदिवसीय मैच में श्रीलंका को 317 रन से हराकर श्रृंखला 3-0 से अपने नाम की जिसमें कोहली ने तीन मैच में दो शतक लगाए।
कोहली ने इसे एकदिवसीय विश्व कप के वर्ष के लिए आदर्श शुरुआत करार देते हुए कहा, ‘‘यह एक शानदार शुरुआत रही है। काफी समय हो गया है जब मैंने इस तरह से साल की शुरुआत की थी। एक शतक बनाया और फिर श्रृंखला में दो शतक बनाए और मैं श्रृंखला का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी रहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं बस इस बात से खुश हूं कि विश्व कप वर्ष में मैं इस तरह से शुरुआत करने में सफल रहा और मुझे पता है कि मैं लगातार ऐसा प्रदर्शन कर सकता हूं। जब मैं इस तरह से शुरुआत करता हूं और मैं आत्मविश्वास महसूस करने लगता हूं, फिर चीजें आम तौर पर अच्छी होती हैं।’’
कोहली ने गिल को स्वदेश में पहला शतक बनाने के लिए बधाई दी। गिल ने 97 गेंद पर 116 रन बनाए।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत में आपके पहले शतक के लिए बधाई। आप पहले मैच में शतक के हकदार थे। आज भी आपने शानदार प्रदर्शन किया और भविष्य में स्वदेश और विदेश में कई और शतक आएंगे।’’
कोहली ने कहा, ‘‘मुझे शुभमन के साथ बल्लेबाजी करने में बहुत मजा आया। हमने कई बार लंबे समय तक बल्लेबाजी नहीं की लेकिन आज हमारी अच्छी साझेदारी थी और इससे टीम को भी मदद मिली।’’
दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 131 रनों की साझेदारी की जिससे भारत ने श्रीलंका को 73 रनों पर समेटने से पहले पांच विकेट पर 390 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
गिल ने कहा, ‘‘पहले एकदिवसीय मैच में आउट होना निराशाजनक था। मैं उस मैच में कुछ बड़ा करना चाह रहा था लेकिन दुर्भाग्य से नहीं हो पाया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोलकाता में भी मैं अच्छा खेल रहा था लेकिन शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में असफल रहा। आज यही था कि अगर शुरुआत मिलती है तो लंबा जाने की कोशिश करूंगा।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
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